Safety Rule for Lathe Machine: लेथ मशीन के लिए सुरक्षा नियम

Safety Rule for Lathe Machine: लेथ मशीन के लिए सुरक्षा नियम निम्न प्रकार के हैं।

लेथ मशीन के लिए सुरक्षा नियम (Safety Rule for Lathe Machine)

लेथ मशीन पर कार्य करते समय इंजीनियर को हमेशा यह ध्यान रखना चाहिए कि किसी प्रकार की दुर्घटना ना हो। दुर्घटना से बचने के लिए औद्योगिक संस्थानों में काम करने से पहले तथा किसी मशीन को इस्तेमाल करने से पहले उचित माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त कर ले। अगर आप लेथ मशीन को चलाने का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं तो इसे इस्तेमाल करने में आप को होने वाली कठिनाइयों का सामना बिल्कुल आसान तरीके से कर सकते हैं।

आप सभी की जानकारी के लिए नीचे एक एक कर सभी सावधानियों का जानकारी दिया गया है। जिसे आप बिल्कुल सावधानी से पढ़ ले तथा उसका पालन लेथ मशीन चलाते समय जरूर करें:

  1. जॉब को चक में कस कर बांधें।
  2. जॉब को कसने के बाद चाबी निकालना न भूलें।
  3. टूल के नीचे पैकिंग पूरी लंबाई में दें, अन्यथा कसने पर टूल टूट सकता है।
  4. बहुत छोटे टूल का प्रयोग न करें। टूल, टूल-पोस्ट से बहुत ज्यादा बाहर न निकला हो।
  5. लेथ चक को उतारने से पहले बैड के ऊपर लकड़ी का गुटका रख लेना चाहिए।
  6. चलती हुई मशीन को हाथ से रोकने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
  7. घूमते हुए जॉब को मापने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
  8. लंबे व पतले जॉब पर ज्यादा हैवी कट नहीं लगाने चाहिए, क्योंकि यह जॉब टेढ़ा होकर सेंटर से निकल सकता है।
  9. चलती मशीन पर स्पैनर या पाइप रिंच द्वारा जॉब पर नट को चढ़ाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
Safety Rule for Lathe Machine: लेथ मशीन के लिए सुरक्षा नियम
Safety Rule for Lathe Machine: लेथ मशीन के लिए सुरक्षा नियम

 

ड्रिलिंग मशीन के लिए सुरक्षा नियम (Safety Rule for Drilling Machine)

ड्रिल मशीन का इस्तेमाल औद्योगिक क्षेत्र में किसी भी वस्तु में ड्रिल करने के लिए किया जाता है। ड्रिल सभी प्रकार के मेटल पर एक ही तरीके से नहीं किया जाता बल्कि अलग-अलग मेटल से बने वस्तुओं पर अलग-अलग तरीके से ड्रिल किया जाता है। इसलिए ड्रिल करने से पहले आपको इसकी जानकारी सही से होनी चाहिए। तथा ड्रिल करते समय इससे होने वाले दुर्घटना से बचने के लिए इसके सावधानियों को जरूर ध्यान में रखना चाहिए।

ड्रिल मशीन को चलाते समय नीचे बताए गए नियमों का पालन करके आप इससे होने वाले दुर्घटना से बच सकते हैं। इसलिए नीचे जो भी सावधानियां बताई जा रही है उसको बिल्कुल ध्यान से जरूर पढ़ ले।

  1. स्पिण्डल में टूल या ड्रिल चक सही प्रकार से लगाने चाहिए तथा निकालने के लिए वैज की (ड्रिल ट्रिफ्ट) का ही प्रयोग करें। ड्रिल निकालते समय सावधानी रखें।
  2. ड्रिल को चक में कसकर पकड़ें। लोड पड़ने पर वह फ्री नहीं होना चाहिए।
  3. टेबल पर जॉब को वाइस में या जिग फिक्स्चर से पकड़ना चाहिए। हाथ से या टांग से पकड़ने पर दुर्घटना हो सकती है।
  4. जॉब के नीचे लकड़ी या गुटका रखना चाहिए।
  5. यदि कभी जॉब ड्रिल में फंसकर घूमने लगे तो उसे हाथ से रोकने की कोशिश न करें।
  6. ड्रिल चक में ड्रिल पकड़ने के पश्चात् उसकी चाबी निकालना न भूले।
  7. कारीगर को ढीले कपड़े, टाई आदि नहीं पहननी चाहिए।
  8. कारीगर के बाल अधिक लंबे नहीं होने चाहिए, वे ड्रिल में लिपट सकते हैं।

भार उठाने के लिए सुरक्षा नियम (Safety Rule for Lifting Loads)

कारखानों में काम करते समय अनेक प्रकार के भारी वस्तु को इधर से उधर करना पड़ता है। भारी वस्तु को इधर से उधर करने के लिए सबसे पहले आपको सावधानियां ध्यान में रखना होगा। क्योंकि अगर सावधानियों को ध्यान में नहीं रखते हैं तो किसी कारणवश भारी वस्तु दूसरी वस्तु पर गिर जाता है तो नुकसान हो सकता है।

कारखाना में भारी वस्तुओं को उठाने के लिए मशीन के अलावा मजदूरों का भी प्रयोग किया जाता है। मशीन से उठाते समय आपको मशीन चलाने का सही ज्ञान होना चाहिए तथा उसे चलाते समय अनेक प्रकार की सावधानियों का ध्यान में रखना चाहिए। इसके अलावा जब मजदूर घर उठाते हैं तो उन्हें जरूरी वस्तुएं जैसे पैरों में जूते तथा हाथों में दस्ताना के अलावा सिर पर हेलमेट होना आवश्यक है।

भार उठाते समय मजदूरों को निम्न सावधानियां रखनी चाहिए जिससे उन्हें किसी प्रकार की असमय दुर्घटना से बचा जा सकता है

  1. मजदूरों को बोझ उठाने की अपनी सामर ज्ञान होना चाहिए तथा कभी भी सामर्थ्य से अधिक बोझ उठाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
  2. भार उठाते समय पीठ को अधिक-से-अधिक सीधा रखने की कोशिश करनी चाहिए तथा टांगों के बल पर बोझ को उठाना चाहिए।
  3. अधिक भारी मशीनों को या कार्यखण्डों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए ट्रॉली आदि का प्रयोग करना चाहिए।
  4. भार लेकर चलते समय रास्ते के व्यवधानों तथा फर्श पर पड़ी तेल व ग्रीस आदि का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए।
  5. भार के स्थानांतरण के लिए जहां तक संभव हो आधुनिक सिस्टम प्रयोग में लाने चाहिए; जैसे-फॉर्क लिफ्ट ट्रक, टैलेंट ट्रक या ट्रॉली आदि।
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