Safety on Road: सड़क पर सुरक्षा निम्न प्रकार के हैं।

सड़क पर सुरक्षा (Safety on Road)

नमस्कार दोस्तों आपका स्वागत है हमारे नए पोस्ट में, इस पोस्ट के माध्यम से आप सभी को सड़क पर चलते समय या गाड़ी चलाते समय किन किन साधनों को ध्यान में रखना चाहिए जिससे आपको तथा आपके परिजनों के साथ किसी दूसरे को भी इसी प्रकार की कठिनाईयों का सामना ना करना पड़े।

अगर आप एक शिक्षित युवक है तो आपको मालूम होगा कि सड़क गाड़ी चलाते समय हमेशा सीट बेल्ट का यूज करना चाहिए। सीट बेल्ट बांधने के अलावा अगर आप गाड़ी चालक है तो आपके पास पहले से गाड़ी चलाने का एक्सपीरियंस के साथ-साथ गाड़ी चलाने का लाइसेंस भी होना चाहिए। क्योंकि आप सभी जानते होंगे कि गाड़ी चलाने का लाइसेंस 18 साल के बाद तथा गाड़ी चलाने की ट्रेनिंग में सफल होने के बाद ही दिया जाता है।

ऊपर बताए गए जानकारी के अलावा सड़क पर चलते समय आपको निम्नलिखित सुरक्षा नियमों का पालन जरूर करना चाहिए:

  1. यात्रा के दौरान अपनी और अन्य की सुरक्षा का ध्यान रखें।
  2. वाहन की गति सदैव नियंत्रित रखें।
  3. यातायात नियमों का सदैव पालन करें।  
  4. सदैव अपनी पंक्ति में रहें तथा पैदल यात्रा के दौरान फुटपाथ का प्रयोग करें।
  5. कभी भी अवांछित चीजें अस्त-व्यस्त तरीके से सड़क पर न फेंकें।
  6. सुरक्षा संकेतों को समझें और उनका अनुपालन करें।
Safety on Road: सड़क पर सुरक्षा
Safety on Road: सड़क पर सुरक्षा

 

मशीनों की सुरक्षा (Safety of Machines)

जब भी हम या आप लोग मशीन पर कार्य करते हैं तो अपनी सुरक्षा के साथ-साथ उस मशीन के भी सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि अगर गलत प्रशिक्षण के कारण आप उस मशीन पर कार्य करते हैं और किसी कारणवश वह मशीन खराब हो जाता है तो खराब होने के क्रम में आपको भी मुस्कान पहुंचा सकता है। साथ में अगर मशीन में किसी प्रकार की गड़बड़ी आती है तो जनवरी को ठीक करने में धन के साथ-साथ समय की भी बर्बादी होगी।

अपनी सुरक्षा करते हुए जहां तक भी संभव हो हमें अपनी मशीनों, मशीनों पर प्रयोग होने वाले अन्य औजारों (Tools) तथा बहुत से सुक्ष्ममापी यंत्रों की सुरक्षा का भी ध्यान रखना चाहिए। मशीनों व टूल आदि की सुरक्षा के लिए हमें निम्नलिखित बातों पर ध्यान देना चाहिए

  • सभी सुक्ष्ममापी यंत्रों को समय-समय पर तेल लगाकर रखा जाए, विशेष रूप से बरसात के मौसम में इनकी देखभाल अवश्य करें, क्योंकि एक बार यंत्र को जंग लगने पर उसकी सुक्ष्मता समाप्त हो जाती है।
  • जब भी सुक्ष्ममापी यंत्रों का प्रयोग किया जाए, उन्हें किसी सुरक्षित स्थान पर रखा जाए तथा किसी भी कटिंग टूल से अलग रखा जाए।
  • मशीन की टेबल पर हैमरिंग न की जाए, इससे टेबल पर स्पॉट पड़ जाते हैं, जिससे सतह की यथार्थता (Accuracy) समाप्त हो जाती है।
  • किसी भी नई मशीन पर कार्य करने से पहले उसे भली-भांति समझ लें कि उसके चलाने की क्या विधि है? कार्य करते समय पांव के नीचे लकड़ी का बोर्ड रखें। मशीन पर रोशनी पूरी होनी चाहिए।
  • सर्फेस प्लेट पर कार्य करते समय जॉब को बार-बार उस पर न रगड़े तथा न ही पंचिंग (Punching) का कार्य इस पर किया जाए। सर्फेस प्लेट केवल मार्किंग (Marking) करने के लिए ही प्रयोग की जाए।
  • मिलिंग मशीन पर जॉब को कसते समय वाइस को कटर से दूर रखें तथा कटर के साथ गार्ड का प्रयोग करें, कूलैंड भली-भांति प्रयोग हो तथा सफाई के लिए ब्रुश अपने पास रखें। मशीन पर भारी एसेसरीज बांधते समय ट्रॉली का प्रयोग करें।

कार्यखंड की सुरक्षा (Safety of Workpiece)

वैसे तो कार्यशाला में हर कार्य से संबंधित सही कारीगर चुनकर रखा जाता है जो उस कार्य को अच्छी प्रकार जानता हो, परंतु फिर भी हमारा कर्तव्य है कि हम कुछ मौलिक बातों की जानकारी प्राप्त करें, जिनके आधार पर हम अपने कार्य की ज्यादा सुरक्षा कर सकते हैं और उसे भली-भति बना सकते हैं। कुछ ऐसी ही मूल बातों का विवरण आगे दीया गया है

किसी भी जॉब को मशीन पर बांधने से पहले जॉब की आकृति के अनुसार उसकी सही क्लैम्पिंग (Clamping) का प्रबंध किया जाए। जब तक जॉब सही नहीं बांधा जाएगा, वह ठीक नहीं बन सकता। इसके अलावा जॉब को भली-भांति मशीन पर बांधने के पश्चात् सही कटिंग टूल का प्रयोग किया जाए, क्योंकि जब तक कटिंग टूल का सही प्रयोग नहीं किया जाएगा, जॉब कभी भी ठीक नहीं बनेगा। जैसे एक फिटर के लिए अच्छी फाइल का होना आवश्यक है तथा शेपर-प्लेनर-स्लॉटर या मिलिंग मशीन पर कार्य करते समय कटिंग टूल का सही होना आवश्यक है।

जॉब की माफ करते समय सावधानियां

  • जॉब को बनाते समय जॉब की माप के लिए उसकी सूक्ष्मता के अनुसार वही साधन अपनाया जाए, जैसे रफ माप के लिए स्टील रूल तथा सूक्ष्म माप के लिए माइक्रोमीटर या वर्नियर कैलीपर्स इत्यादि।
  • जॉब को बनाने से पहले उसकी ड्रॉइंग को भली-भांति समझ लिया जाए। प्रत्येक कारीगर को चाहिए कि वह ड्रॉइंग के विषय में भरपूर योग्यता प्राप्त करे। इस विषय में जितनी योग्यता होगी उतना ही दूसरे पर कम निर्भर रहना पड़ेगा।
  • यदि किसी जॉब को ज्यादा मात्रा में बनाना हो, तो उसको बांधने के लिए सही फिक्सर तथा माप के लिए आवश्यक गेज तैयार कर लिए जाएं, ताकि जॉब को बनाने में कम समय लगे और उनकी माप एक-सी बनाई जा सके।
Lokesh Rathore
✍️ Written & reviewed byLokesh Rathore

Lokesh Rathore is a content writer with over 4 years of experience covering Government Jobs, Sarkari Result, Admit Card and Sarkari Yojana. He turns complex official notifications into clear, accurate and easy-to-follow updates for job seekers across India - with every post cross-checked against official government sources.

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